Al-Lail
अल-लैल
रात
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَـٰنِ ٱلرَّحِیمِ
बिस्मि अल्लाह अर-रहमान अर-रहीम
- 1 وَٱلَّیۡلِ إِذَا یَغۡشَىٰ
वल्लैली इज़ा यग्शा
रात की क़सम जब (सूरज को) छिपा ले
- 2 وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ
वल्नहार इज़ा तजल्ला
और दिन की क़सम जब ख़ूब रौशन हो
- 3 وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلۡأُنثَىٰۤ
वमा ख़लक़ अल-ज़करा वल-उन्सा
और उस (ज़ात) की जिसने नर व मादा को पैदा किया
- 4 إِنَّ سَعۡیَكُمۡ لَشَتَّىٰ
इन्ना सईयुकुम लशत्ता
कि बेशक तुम्हारी कोशिश तरह तरह की है
- 5 فَأَمَّا مَنۡ أَعۡطَىٰ وَٱتَّقَىٰ
फ़ाम्मा अता वत्तक़ा
तो जिसने सख़ावत की और अच्छी बात (इस्लाम) की तस्दीक़ की
- 6 وَصَدَّقَ بِٱلۡحُسۡنَىٰ
व सद्दक़ बिल्हुस्ना
तो हम उसके लिए राहत व आसानी
- 7 فَسَنُیَسِّرُهُۥ لِلۡیُسۡرَىٰ
फसनुयस्सिरुहु लिल युसरा
(जन्नत) के असबाब मुहय्या कर देंगे
- 8 وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسۡتَغۡنَىٰ
वा अम्मा बख़िल वस्तग़्निया
और जिसने बुख्ल किया, और बेपरवाई की
- 9 وَكَذَّبَ بِٱلۡحُسۡنَىٰ
वा कज़्ज़ब बिल्हुस्ना
और अच्छी बात को झुठलाया
- 10 فَسَنُیَسِّرُهُۥ لِلۡعُسۡرَىٰ
फसनुयस्सिरुहु लिल उसरा
तो हम उसे सख्ती (जहन्नुम) में पहुँचा देंगे,
- 11 وَمَا یُغۡنِی عَنۡهُ مَالُهُۥۤ إِذَا تَرَدَّىٰۤ
वमा युग्नी अन्हु इज़ा तरद्दा
और जब वह हलाक होगा तो उसका माल उसके कुछ भी काम न आएगा
- 12 إِنَّ عَلَیۡنَا لَلۡهُدَىٰ
इन्ना अलैना लल्हुदा
हमें राह दिखा देना ज़रूर है
- 13 وَإِنَّ لَنَا لَلۡـَٔاخِرَةَ وَٱلۡأُولَىٰ
वा इन्ना लना लल-आख़िरा वल-उल्या
और आख़ेरत और दुनिया (दोनों) ख़ास हमारी चीज़े हैं
- 14 فَأَنذَرۡتُكُمۡ نَارࣰا تَلَظَّىٰ
फ़ा-अंज़रतुकुम नारा तलाज़्ज़ा
तो हमने तुम्हें भड़कती हुई आग से डरा दिया
- 15 لَا یَصۡلَىٰهَاۤ إِلَّا ٱلۡأَشۡقَى
यसलाया इल्ला अल-अश्का
उसमें बस वही दाख़िल होगा जो बड़ा बदबख्त है
- 16 ٱلَّذِی كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
अल्लाज़ी कज़्ज़ब
जिसने झुठलाया और मुँह फेर लिया और जो बड़ा परहेज़गार है
- 17 وَسَیُجَنَّبُهَا ٱلۡأَتۡقَى
वसैयुजन्नाबुहा अल-अत्का
वह उससे बचा लिया जाएगा
- 18 ٱلَّذِی یُؤۡتِی مَالَهُۥ یَتَزَكَّىٰ
अल्लाज़ी योति यतज़क्का
जो अपना माल (ख़ुदा की राह) में देता है ताकि पाक हो जाए
- 19 وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُۥ مِن نِّعۡمَةࣲ تُجۡزَىٰۤ
वमा लेअहदिन इंदहु मिन नियमत तुज-या
और लुत्फ ये है कि किसी का उस पर कोई एहसान नहीं जिसका उसे बदला दिया जाता है
- 20 إِلَّا ٱبۡتِغَاۤءَ وَجۡهِ رَبِّهِ ٱلۡأَعۡلَىٰ
इल्ला इब्तिगा वज्हि रब्बिहि अल आ'ला
बल्कि (वह तो) सिर्फ अपने आलीशान परवरदिगार की ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए (देता है)
- 21 وَلَسَوۡفَ یَرۡضَىٰ
वेलासोफ यारज़ा
और वह अनक़रीब भी ख़ुश हो जाएगा
This surah in other languages
- বাংলা আল-লাইল
- Bosanski El-Lejl
- Нохчийн Аль-Лайл
- Deutsch Al-Lail
- English Al-Layl
- Español Al-Lail
- فارسی لیل
- Français Al-Layl
- Hausa Layl
- עברית אל-ליל
- हिन्दी अल-लैल
- Bahasa Indonesia Al-Lail
- 日本語 アル・ライル
- 한국어 알-라일
- کوردی Leyl
- Bahasa Melayu Al-Lail
- Nederlands Al-Lail
- پنجابی اللیل
- ਪੰਜਾਬੀ ਅਲ-ਲੈਲ
- پښتو اللیل
- Português Al-Lail
- Русский Аль-Ляйль
- Soomaaliga Al-Layl
- Shqip Jejil
- Kiswahili Layl
- தமிழ் அல்-லைல்
- ไทย อัล-ลัยล์
- Türkçe El-Leyl
- اردو اللیل
- Oʻzbek Al-Layl
- 中文 阿莱利